असहयोग आंदोलन के अचानक स्थगन के बाद भारतीय राजनीति में जो शून्यता आई थी, उसे भरने के लिए स्वराज पार्टी (1923) का गठन एक ऐतिहासिक कदम था। आपकी प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, State PSC, SSC) की गहन तैयारी के लिए सी.आर. दास, मोतीलाल नेहरू और स्वराज पार्टी पर आधारित 100 महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्नोत्तर यहाँ दिए गए हैं।
Q1. असहयोग आंदोलन को अचानक वापस लिए जाने के बाद भारतीय राजनीति में किस नई पार्टी का उदय हुआ? – स्वराज पार्टी (Swaraj Party)
Q2. स्वराज पार्टी की स्थापना किस तिथि को हुई थी? – 1 जनवरी 1923
Q3. स्वराज पार्टी की स्थापना किस स्थान पर की गई थी? – इलाहाबाद (प्रयागराज)
Q4. स्वराज पार्टी के मुख्य संस्थापक कौन थे? – चित्तरंजन दास (सी.आर. दास) और मोतीलाल नेहरू
Q5. स्वराज पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष (President) कौन थे? – सी.आर. दास
Q6. स्वराज पार्टी के प्रथम महासचिव (General Secretary) कौन थे? – मोतीलाल नेहरू
Q7. स्वराज पार्टी का मूल (प्रारंभिक) नाम क्या था? – कांग्रेस-खिलाफत स्वराज्य पार्टी
Q8. 1922 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन कहाँ हुआ था, जहाँ परिषद प्रवेश का प्रस्ताव गिर गया था? – गया (Gaya)
Q9. कांग्रेस के 1922 के गया अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की थी? – सी.आर. दास
Q10. विधान परिषदों में प्रवेश कर सरकार के कामकाज में बाधा डालने का समर्थन करने वाले नेताओं को क्या कहा गया? – परिवर्तनवादी (Pro-changers)
Q11. विधान परिषदों का बहिष्कार जारी रखने और रचनात्मक कार्यों पर ध्यान देने वाले नेताओं को क्या कहा गया? – अपरिवर्तनवादी (No-changers)
Q12. अपरिवर्तनवादी गुट के प्रमुख नेता कौन थे? – सी. राजगोपालाचारी, वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद
Q13. स्वराज पार्टी का मुख्य उद्देश्य क्या था? – विधान परिषदों में प्रवेश कर भीतर से ब्रिटिश सरकार के कामकाज को बाधित करना
Q14. स्वराज पार्टी ने किस अधिनियम के तहत होने वाले चुनावों में भाग लेने का निर्णय लिया? – भारत सरकार अधिनियम 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार)
Q15. क्या स्वराज पार्टी कांग्रेस से पूरी तरह अलग होकर बनी थी? – नहीं, यह कांग्रेस के भीतर ही एक राजनीतिक विंग के रूप में कार्य कर रही थी
Q16. 1923 के केंद्रीय विधान सभा (Central Legislative Assembly) चुनावों में स्वराज पार्टी ने 101 निर्वाचित सीटों में से कितनी सीटें जीतीं? – 42 सीटें
Q17. 1923 के प्रांतीय चुनावों में स्वराज पार्टी को किस प्रांत में स्पष्ट बहुमत मिला? – मध्य प्रांत (Central Provinces)
Q18. 1923 के चुनावों में स्वराज पार्टी किस प्रांत में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी? – बंगाल
Q19. केंद्रीय विधान सभा में स्वराज पार्टी के नेता कौन थे? – मोतीलाल नेहरू
Q20. बंगाल विधान परिषद में स्वराज पार्टी का नेतृत्व किसने किया? – सी.आर. दास
Q21. स्वराज पार्टी की सबसे बड़ी संसदीय उपलब्धि क्या थी? – 1925 में विट्ठलभाई पटेल का केंद्रीय विधान सभा का अध्यक्ष (Speaker) चुना जाना
Q22. केंद्रीय विधान सभा के पहले भारतीय अध्यक्ष (President/Speaker) कौन बने? – विट्ठलभाई पटेल
Q23. 1924 में स्वराज पार्टी ने केंद्रीय विधान सभा में सरकार के किस प्रमुख बिल को अस्वीकार कर दिया था? – 1924-25 का बजट
Q24. स्वराज पार्टी ने 1928 में किस विवादित और दमनकारी बिल को केंद्रीय विधान सभा में पास होने से रोक दिया? – पब्लिक सेफ्टी बिल (Public Safety Bill)
Q25. 1924 में ‘मंडीमैन समिति’ (Muddiman Committee) का गठन ब्रिटिश सरकार ने क्यों किया था? – स्वराजियों की मांग पर 1919 के अधिनियम (द्वैध शासन) की कमियों की जांच के लिए
Q26. केंद्रीय विधान सभा में स्वराज पार्टी ने मुस्लिम और नरमपंथी नेताओं के साथ मिलकर जो गठबंधन बनाया, उसे क्या कहा गया? – राष्ट्रवादी दल (Nationalist Party)
Q27. 1924 में महात्मा गांधी और सी.आर. दास के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते को किस नाम से जाना जाता है? – गांधी-दास पैक्ट (Gandhi-Das Pact)
Q28. ‘गांधी-दास पैक्ट’ का मुख्य निर्णय क्या था? – स्वराज पार्टी को कांग्रेस के अभिन्न अंग के रूप में विधान मंडलों में काम करने की मान्यता दी गई
Q29. गांधी-दास पैक्ट को कांग्रेस के किस अधिवेशन में मंजूरी दी गई? – 1924 के बेलगाम अधिवेशन में
Q30. कांग्रेस के 1924 के बेलगाम अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की थी? – महात्मा गांधी
Q31. सी.आर. दास को लोकप्रिय रूप से किस उपाधि से जाना जाता था? – देशबंधु (Deshbandhu)
Q32. ‘देशबंधु’ का शाब्दिक अर्थ क्या है? – देश का मित्र (Friend of the Nation)
Q33. सी.आर. दास पेशे से क्या थे? – एक प्रख्यात वकील
Q34. 1908 के प्रसिद्ध ‘अलीपुर बम कांड’ में अरबिंदो घोष का सफलतापूर्वक बचाव किस वकील ने किया था? – सी.आर. दास
Q35. सी.आर. दास को किस महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी का राजनीतिक गुरु माना जाता है? – सुभाष चंद्र बोस
Q36. 1924 में सी.आर. दास किस नगर निगम के प्रथम भारतीय मेयर चुने गए थे? – कलकत्ता नगर निगम
Q37. कलकत्ता नगर निगम में सी.आर. दास के मेयर रहते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) किसे नियुक्त किया गया था? – सुभाष चंद्र बोस
Q38. सी.आर. दास द्वारा स्थापित अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र का क्या नाम था? – फॉरवर्ड (Forward)
Q39. सी.आर. दास ने किस बंगाली साहित्यिक पत्रिका की शुरुआत की थी? – नारायण (Narayan)
Q40. सी.आर. दास ने 1923 में बंगाल में हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए कौन सा ऐतिहासिक समझौता किया था? – बंगाल पैक्ट (Bengal Pact)
Q41. बंगाल पैक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या था? – सरकारी नौकरियों और विधान परिषद में मुसलमानों को उनकी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देना
Q42. सी.आर. दास की मृत्यु किस वर्ष हुई, जिससे स्वराज पार्टी को गहरा धक्का लगा? – 16 जून 1925
Q43. सी.आर. दास की मृत्यु किस स्थान पर हुई थी? – दार्जिलिंग
Q44. “अगर देश से प्रेम करना अपराध है, तो मैं अपराधी हूँ” – यह प्रसिद्ध कथन किसका है? – सी.आर. दास
Q45. सी.आर. दास द्वारा लिखित प्रसिद्ध कविता संग्रह का क्या नाम है? – सागर संगीत (Sagar Sangeet)
Q46. ‘सागर संगीत’ का अंग्रेजी अनुवाद किसने किया था? – अरबिंदो घोष
Q47. मोतीलाल नेहरू पेशे से क्या थे? – इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रमुख वकील
Q48. इलाहाबाद में स्थित मोतीलाल नेहरू के ऐतिहासिक निवास स्थान का क्या नाम है? – आनंद भवन
Q49. मोतीलाल नेहरू ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता कितनी बार की? – दो बार (1919 अमृतसर और 1928 कलकत्ता)
Q50. 1919 में मोतीलाल नेहरू ने इलाहाबाद से कौन सा अंग्रेजी समाचार पत्र शुरू किया था? – द इंडिपेंडेंट (The Independent)
Q51. मोतीलाल नेहरू ने ‘द इंडिपेंडेंट’ अखबार क्यों शुरू किया था? – नरमपंथी अखबार ‘द लीडर’ (The Leader) को टक्कर देने के लिए
Q52. 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड की जांच के लिए कांग्रेस द्वारा बनाई गई ‘तहकीकात समिति’ के सदस्य कौन थे? – मोतीलाल नेहरू (और गांधीजी, सी.आर. दास आदि)
Q53. 1924 में केंद्रीय विधान सभा में भारत के लिए एक नए संविधान की मांग को लेकर मोतीलाल नेहरू ने कौन सा प्रस्ताव पेश किया था? – राष्ट्रीय मांग (National Demand)
Q54. 1928 में भारत के लिए एक संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष कौन थे? – मोतीलाल नेहरू
Q55. मोतीलाल नेहरू समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को किस नाम से जाना जाता है? – नेहरू रिपोर्ट (Nehru Report – 1928)
Q56. नेहरू रिपोर्ट में भारत के लिए किस दर्जे की मांग की गई थी? – डोमिनियन स्टेटस (Dominion Status)
Q57. ब्रिटिश सरकार की किस समिति (1925) में मोतीलाल नेहरू ने सदस्य के रूप में कार्य किया था, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना का भारतीयकरण करना था? – स्कीन समिति (Skeen Committee / Indian Sandhurst Committee)
Q58. अपने शानदार और लाभदायक कानूनी करियर (वकालत) को मोतीलाल नेहरू ने किस आंदोलन के दौरान त्याग दिया था? – असहयोग आंदोलन
Q59. 1930 में मोतीलाल नेहरू ने ‘आनंद भवन’ किसे दान में दे दिया था? – भारतीय राष्ट्र (कांग्रेस) को
Q60. मोतीलाल नेहरू का निधन किस वर्ष हुआ? – 6 फरवरी 1931 (लखनऊ में)
Q61. सी.आर. दास की मृत्यु के बाद स्वराज पार्टी के भीतर कौन से दो गुट बन गए? – प्रतिक्रियावादी (Responsivists) और गैर-प्रतिक्रियावादी (Non-Responsivists)
Q62. स्वराज पार्टी के ‘प्रतिक्रियावादी’ (Responsivists) गुट का क्या मानना था? – सरकार के साथ सहयोग करके हिंदू हितों की रक्षा करना और सरकारी पद स्वीकार करना
Q63. प्रतिक्रियावादी (Responsivists) गुट के प्रमुख नेता कौन थे? – मदन मोहन मालवीय, लाला लाजपत राय, एन.सी. केलकर और एम.आर. जयकर
Q64. गैर-प्रतिक्रियावादी (Non-Responsivists) गुट का नेतृत्व किसने किया? – मोतीलाल नेहरू
Q65. मोतीलाल नेहरू का गुट (गैर-प्रतिक्रियावादी) क्या चाहता था? – विधान परिषदों में सरकार का निरंतर विरोध (Obstruction) जारी रखना
Q66. 1926 के चुनावों में स्वराज पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा? – 1923 की तुलना में बहुत खराब (पार्टी आंतरिक कलह और सांप्रदायिकता का शिकार हो गई)
Q67. 1926 के चुनावों में स्वराज पार्टी को किस प्रांत में भारी नुकसान उठाना पड़ा? – पंजाब और संयुक्त प्रांत (UP)
Q68. स्वराज पार्टी ने 1927 में किस ब्रिटिश आयोग का पूर्ण बहिष्कार किया? – साइमन कमीशन
Q69. स्वराज पार्टी ने किस वर्ष आधिकारिक तौर पर विधानमंडलों (Legislatures) से पूरी तरह वॉकआउट (बहिष्कार) कर दिया? – 1930 में
Q70. 1930 में स्वराज पार्टी के नेताओं ने विधानमंडलों से इस्तीफा क्यों दिया? – कांग्रेस के ‘लाहौर अधिवेशन (1929)’ में पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव पास होने और सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू होने के कारण
Q71. भारत में संसदीय लोकतंत्र (Parliamentary Democracy) और विधायी विरोध (Legislative opposition) की नींव मजबूत करने का श्रेय किस पार्टी को जाता है? – स्वराज पार्टी
Q72. 1922 से 1928 के बीच, जब राष्ट्रीय आंदोलन में राजनीतिक शून्यता (Political Vacuum) थी, तब किस पार्टी ने राजनीतिक संघर्ष को जीवित रखा? – स्वराज पार्टी
Q73. स्वराज पार्टी ने 1919 के अधिनियम के किस मुख्य प्रावधान की कमियों को उजागर किया? – प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली (Dyarchy)
Q74. किसने कहा था कि “स्वराज्य आम जनता के लिए होना चाहिए, केवल कुछ वर्गों के लिए नहीं”? – सी.आर. दास
Q75. 1924 में ‘कानपुर बोल्शेविक षड्यंत्र केस’ के दौरान किस स्वराजवादी नेता ने वामपंथियों/कम्युनिस्टों के अधिकारों का बचाव किया? – सी.आर. दास
Q76. स्वराज पार्टी के कौन से नेता ‘पंजाब केसरी’ के नाम से जाने जाते थे, जो बाद में पार्टी से अलग हो गए? – लाला लाजपत राय
Q77. 1921 में प्रिंस ऑफ वेल्स के भारत आगमन के पूर्ण बहिष्कार का नेतृत्व कलकत्ता में किसने किया था? – सी.आर. दास
Q78. सी.आर. दास की पत्नी का क्या नाम था, जो स्वयं एक महान स्वतंत्रता सेनानी थीं? – बसंती देवी
Q79. 1921 के असहयोग आंदोलन के दौरान गिरफ्तार होने वाली बंगाल की पहली महिला कौन थीं? – बसंती देवी (सी.आर. दास की पत्नी)
Q80. सी.आर. दास युवावस्था में किस सामाजिक-धार्मिक आंदोलन से गहराई से प्रभावित थे? – ब्रह्म समाज
Q81. मोतीलाल नेहरू और सी.आर. दास ने किस अधिवेशन से पहले स्वराज पार्टी के संविधान का मसौदा तैयार किया था? – गया अधिवेशन (1922)
Q82. सी.आर. दास ने 1922 में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा क्यों दिया था? – क्योंकि गया अधिवेशन में उनका ‘परिषद प्रवेश’ का प्रस्ताव बहुमत से नामंजूर कर दिया गया था
Q83. स्वराज पार्टी का आधिकारिक पत्र (Official Organ) क्या था? – कई क्षेत्रों में अलग-अलग थे, लेकिन ‘द इंडिपेंडेंट’ और ‘फॉरवर्ड’ ने उनके विचारों का जमकर प्रचार किया
Q84. स्वराज पार्टी ने 1924 में केंद्रीय विधान सभा में अलेक्जेंडर मुडीमैन के नेतृत्व वाली समिति के गठन के लिए सरकार को कैसे मजबूर किया? – सरकार की मांगों और बजट में लगातार कटौती प्रस्ताव (Cut motions) लाकर
Q85. 1930 के बाद स्वराज पार्टी का क्या हुआ? – यह प्रभावी रूप से समाप्त हो गई और इसके सदस्य पुनः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मुख्यधारा (सविनय अवज्ञा आंदोलन) में विलीन हो गए
Q86. 1934 में जब कांग्रेस ने चुनावों में भाग लेने का निर्णय लिया, तो किस नाम से एक नई संसदीय बोर्ड का गठन किया गया, जो स्वराज पार्टी की ही तर्ज पर था? – कांग्रेस पार्लियामेंट्री बोर्ड (Congress Parliamentary Board)
Q87. 1923 के चुनावों में स्वराज पार्टी को बंबई विधान परिषद में कितनी सफलता मिली थी? – बहुत कम (यहाँ गैर-ब्राह्मण आंदोलन का प्रभाव अधिक था)
Q88. 1923 के चुनावों में मद्रास में स्वराज पार्टी को किसने कड़ी टक्कर दी थी? – जस्टिस पार्टी (Justice Party)
Q89. जवाहरलाल नेहरू का स्वराज पार्टी के गठन पर क्या रुख था? – उन्होंने इसका विरोध किया और गांधीजी (अपरिवर्तनवादियों) के साथ रहे
Q90. सुभाष चंद्र बोस को सी.आर. दास का कौन सा प्रमुख गुण सबसे अधिक प्रभावित करता था? – उनकी अटूट देशभक्ति और युवाओं को प्रेरित करने की क्षमता
Q91. ‘इंडियन सैंडहर्स्ट कमेटी’ (स्कीन कमेटी) में मोतीलाल नेहरू के शामिल होने का मुख्य उद्देश्य क्या था? – भारतीय सेना के अधिकारी वर्ग का तेजी से भारतीयकरण (Indianisation) करना
Q92. स्वराज पार्टी ने 1920 के दशक में किस महत्वपूर्ण ट्रेड यूनियन कानून की दमनकारी नीतियों का विरोध किया? – ट्रेड डिस्प्यूट्स एक्ट (Trade Disputes Act)
Q93. किस राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता ने केंद्रीय विधान सभा में स्वराज पार्टी का साथ दिया और ‘इंडिपेंडेंट पार्टी’ बनाई? – मुहम्मद अली जिन्ना
Q94. मोतीलाल नेहरू को 1928 में किस आयोग के जवाब के रूप में भारत का संविधान (नेहरू रिपोर्ट) तैयार करने की चुनौती मिली थी? – लॉर्ड बर्कनहेड (भारत सचिव) की चुनौती के जवाब में
Q95. सी.आर. दास के निधन पर महात्मा गांधी ने क्या कहा था? – “देशबंधु तो एक ही थे… भारत में उनका स्थान कोई नहीं ले सकता।”
Q96. स्वराज पार्टी ने ‘द्वैध शासन’ (Dyarchy) को किस प्रांत में पूरी तरह से पंगु बना दिया था, जहाँ सरकार मंत्री भी नहीं बना सकी? – मध्य प्रांत (Central Provinces) और बंगाल
Q97. स्वराज पार्टी के नेताओं ने विधान सभा में सरकार का विरोध करने के लिए कौन सा तरीका अपनाया? – वॉकआउट करना, बजट अस्वीकार करना और निंदा प्रस्ताव लाना
Q98. 1925 में स्वराज पार्टी को उस समय बड़ी सफलता मिली जब उन्होंने किस पद पर अपने उम्मीदवार को जितवाया? – केंद्रीय विधान सभा का अध्यक्ष (विट्ठलभाई पटेल)
Q99. मोतीलाल नेहरू और सी.आर. दास दोनों का जन्म किस दशक में हुआ था? – 1860 के दशक में (मोतीलाल नेहरू 1861, सी.आर. दास 1870)
Q100. भारत के स्वतंत्रता संग्राम में स्वराज पार्टी की सबसे बड़ी ऐतिहासिक विरासत क्या मानी जाती है? – विदेशी सरकार की ‘रबर स्टांप’ मानी जाने वाली विधान परिषदों को राष्ट्रीय संघर्ष के मंच में बदल देना