प्राचीन भारत में विज्ञान और तकनीकी प्रगति प्रतियोगी परीक्षाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आर्यभट्ट (गणित और खगोल विज्ञान), वराहमिहिर (ज्योतिष और विज्ञान) और चरक (चिकित्सा/आयुर्वेद) पर आधारित ये 100 वन-लाइनर प्रश्नोत्तर आपकी तैयारी को पूर्णता प्रदान करेंगे:
Q1. ‘भारतीय गणित का पिता’ किसे माना जाता है? – आर्यभट्ट
Q2. आर्यभट्ट का जन्म 476 ईस्वी में कहाँ हुआ था? – कुसुमपुर (वर्तमान पटना/पाटलिपुत्र)
Q3. आर्यभट्ट की सबसे प्रसिद्ध पुस्तक का नाम क्या है? – आर्यभटीय
Q4. शून्य (Zero) के सिद्धांत और दशमलव प्रणाली (Decimal System) का विकास किसने किया था? – आर्यभट्ट
Q5. ‘वराहमिहिर’ किस गुप्त शासक के नवरत्नों में से एक थे? – चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य)
Q6. आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘चरक संहिता’ के रचयिता कौन हैं? – महर्षि चरक
Q7. चरक किसके राजवैद्य (Court Physician) थे? – कुषाण राजा कनिष्क
Q8. किसने सबसे पहले बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी (Axis) पर घूमती है? – आर्यभट्ट
Q9. वराहमिहिर द्वारा रचित खगोल विज्ञान का प्रसिद्ध ग्रंथ कौन सा है? – पंचसिद्धांतिका
Q10. ‘चरक संहिता’ मुख्य रूप से चिकित्सा की किस शाखा से संबंधित है? – काय चिकित्सा (Internal Medicine)
Q11. आर्यभट्ट ने पाई ($\pi$) का मान कितना बताया था? – 3.1416
Q12. सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के वैज्ञानिक कारणों की व्याख्या सबसे पहले किसने की? – आर्यभट्ट
Q13. ‘बृहत संहिता’ (Brihat Samhita) के लेखक कौन हैं? – वराहमिहिर
Q14. ‘बृहत संहिता’ में किन विषयों का वर्णन मिलता है? – खगोल विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भूगोल और नागरिक शास्त्र
Q15. चरक के अनुसार शरीर में कितनी हड्डियाँ होती हैं? – 360 (दाँतों सहित)
Q16. आर्यभट्ट ने एक वर्ष की अवधि कितनी बताई थी? – 365.258 दिन (आधुनिक गणना के बहुत करीब)
Q17. वराहमिहिर ने चंद्र ग्रहण का क्या कारण बताया था? – पृथ्वी की छाया का चंद्रमा पर पड़ना
Q18. ‘चरक संहिता’ में कितने मुख्य अध्याय (स्थान) हैं? – 8 स्थान (जैसे सूत्रस्थान, निदानस्थान आदि)
Q19. किसने प्रतिपादित किया कि चंद्रमा स्वयं प्रकाशमान नहीं है, बल्कि सूर्य के प्रकाश से चमकता है? – वराहमिहिर
Q20. ‘आर्यभटीय’ ग्रंथ किस भाषा में लिखा गया है? – संस्कृत
Q21. बीजगणित (Algebra) के क्षेत्र में सबसे पहले महत्वपूर्ण कार्य किसने किया? – आर्यभट्ट
Q22. वराहमिहिर ने ज्योतिष शास्त्र को किन तीन मुख्य भागों में बाँटा था? – तंत्र, होरा और संहिता
Q23. चरक संहिता के अनुसार रोगों के मुख्य तीन कारण क्या हैं? – वात, पित्त और कफ (त्रिदोष)
Q24. ‘आर्यभटीय’ के किस भाग में गणितीय गणनाओं का वर्णन है? – गणितपाद
Q25. ‘बृहत जातक’ (Brihat Jataka) ग्रंथ की रचना किसने की? – वराहमिहिर
Q26. प्राचीन काल में ‘पाचन और चयापचय’ (Digestion and Metabolism) का सिद्धांत किसने दिया था? – चरक
Q27. ‘वृक्षायुर्वेद’ (Vrikshayurveda) के बारे में जानकारी वराहमिहिर की किस पुस्तक में मिलती है? – बृहत संहिता
Q28. भारत के पहले उपग्रह (1975) का नाम किस वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया था? – आर्यभट्ट
Q29. वराहमिहिर का जन्म कहाँ हुआ था? – कपित्थक (उज्जैन के पास)
Q30. ‘चरक संहिता’ का संपादन बाद में किस विद्वान द्वारा किया गया था? – दृढ़बल
Q31. आर्यभट्ट ने त्रिकोणमिति (Trigonometry) में किसका आविष्कार किया था? – ज्या (Sine) तालिका
Q32. वराहमिहिर ने ‘पंचसिद्धांतिका’ में किन पाँच सिद्धांतों का वर्णन किया है? – पितामह, वशिष्ठ, रोमका, पौलिष और सूर्य सिद्धांत
Q33. चरक के अनुसार अच्छी सेहत के लिए किन तीन स्तंभों की आवश्यकता है? – आहार, निद्रा और ब्रह्मचर्य
Q34. वृत्त की परिधि और व्यास के अनुपात को किसने परिभाषित किया? – आर्यभट्ट
Q35. भूकंप के वैज्ञानिक कारणों और बादलों के बनने की प्रक्रिया का वर्णन किसने किया? – वराहमिहिर
Q36. चरक संहिता में कुल कितनी औषधियों (जड़ी-बूटियों) का उल्लेख है? – लगभग 500
Q37. आर्यभट्ट ने पृथ्वी की परिधि (Circumference) की माप कितनी बताई थी? – लगभग 24,835 मील (आधुनिक माप 24,901 मील है)
Q38. वराहमिहिर ने ज्योतिष के किस भाग ‘होरा’ में किसका वर्णन किया है? – कुंडली और फलित ज्योतिष
Q39. किसने कहा था कि ‘चिकित्सक को रोगी के शरीर में प्रवेश करते समय ज्ञान का दीपक लेकर जाना चाहिए’? – चरक
Q40. ‘सूर्य सिद्धांत’ पर आधारित गणनाओं को किसने संशोधित किया था? – आर्यभट्ट
Q41. अंकगणित (Arithmetic) के लिए ‘धूलिकर्म’ शब्द का प्रयोग किसने किया? – आर्यभट्ट
Q42. वराहमिहिर ने पर्यावरण विज्ञान के तहत पौधों द्वारा जल संचयन की जानकारी दी थी? – हाँ
Q43. चरक संहिता में किस अंग को शरीर का नियंत्रण केंद्र माना गया है? – हृदय (Heart)
Q44. आर्यभट्ट के अनुसार पृथ्वी गोल है या चपटी? – गोल (खगोल)
Q45. वराहमिहिर ने ‘लघु जातक’ की रचना क्यों की थी? – बृहत जातक के संक्षिप्त रूप के रूप में
Q46. प्राचीन भारतीय ‘जेनेटिक्स’ (आनुवंशिकी) के बीज चरक की किस अवधारणा में मिलते हैं? – बीज-भाग अवधारणा
Q47. ‘आर्यभटीय’ में कुल कितने श्लोक हैं? – 121 श्लोक
Q48. वराहमिहिर ने किस सिद्धांत को सबसे सटीक माना था? – सूर्य सिद्धांत
Q49. चरक संहिता का अरबी भाषा में अनुवाद किस नाम से किया गया था? – शरिफ (Sharif/Saraka)
Q50. किसने बताया कि ग्रहों की कक्षा दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) होती है? – आर्यभट्ट
Q51. आर्यभट्ट ने गणित के किस कठिन सूत्र को हल किया था? – वर्गमूल और घनमूल निकालने की विधि
Q52. ‘बृहत संहिता’ में हीरों और रत्नों के वर्गीकरण (Gemology) का वर्णन मिलता है? – हाँ
Q53. चरक ने ‘प्रतिरक्षा’ (Immunity) के लिए किस शब्द का प्रयोग किया है? – व्याधिक्षमत्व
Q54. आर्यभट्ट के ग्रंथ का वह भाग जो केवल खगोल शास्त्र पर आधारित है? – गोलपाद
Q55. वराहमिहिर ने बादलों के रंग और आकार के आधार पर किसका अनुमान लगाया था? – वर्षा का (Weather forecasting)
Q56. ‘चरक शपथ’ (Charaka Oath) क्या है? – चिकित्सा पद्धति के अभ्यास के लिए नैतिक दिशानिर्देश
Q57. आर्यभट्ट किस विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) रहे थे? – नालंदा विश्वविद्यालय
Q58. वराहमिहिर ने किस धातु के गुणों का वर्णन औषधीय रूप में किया है? – लोहा और पारा
Q59. ‘विमानिका शास्त्र’ का आधार भी कुछ विद्वान किनके सिद्धांतों को मानते हैं? – आर्यभट्ट
Q60. चरक संहिता में कितने प्रकार के ‘ज्वर’ (Bukhaar) का वर्णन है? – 8 प्रकार के
Q61. आर्यभट्ट ने अंकों को व्यक्त करने के लिए किस वर्णमाला पद्धति का उपयोग किया? – अक्षरांक पद्धति
Q62. वराहमिहिर ने ‘वास्तुकला’ (Architecture) के किन सिद्धांतों का उल्लेख किया है? – भवन निर्माण और दिशाओं का महत्व
Q63. चिकित्सा में ‘अनुपान’ (दवा के साथ लिया जाने वाला तरल) का महत्व किसने बताया? – चरक
Q64. क्या आर्यभट्ट ने पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के बारे में संकेत दिया था? – हाँ (उन्होंने इसे ‘आकर्षण’ कहा था)
Q65. वराहमिहिर के अनुसार सूर्य के चारों ओर ग्रहों के घूमने का कारण क्या था? – शक्ति/आकर्षण बल
Q66. चरक संहिता का ‘विमानस्थान’ किससे संबंधित है? – औषधियों की खुराक और आहार विज्ञान
Q67. आर्यभट्ट ने ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किस यंत्र का वर्णन किया है? – शंकु यंत्र और गोल यंत्र
Q68. ‘बृहत संहिता’ में दीमक (Termites) के टीलों को किसका सूचक बताया गया है? – भूजल (Underground water) का
Q69. चरक ने मधुमेह (Diabetes) को किस नाम से पुकारा था? – मधुमेह या प्रमेह
Q70. आर्यभट्ट के अनुसार एक दिन में कुल कितने ‘प्राण’ (समय की इकाई) होते हैं? – 22,60,800
Q71. त्रिकोणमिति में ‘कोज्या’ (Cosine) की अवधारणा किसने दी? – आर्यभट्ट
Q72. वराहमिहिर ने ‘होरा शास्त्र’ को किससे प्राप्त ज्ञान माना था? – यूनानी और भारतीय ज्ञान का संगम
Q73. ‘चरक संहिता’ के अनुसार रोगों के उपचार की चार विधियाँ (चतुष्पाद) क्या हैं? – भिषग (डॉक्टर), द्रव्य (दवा), उपस्थाता (नर्स), रोगी
Q74. आर्यभट्ट ने ‘कालक्रियापाद’ में समय के किन विभाजनों का वर्णन किया है? – युग, वर्ष, मास और दिवस
Q75. वराहमिहिर ने ‘मत्स्य पुराण’ के किस ज्ञान को अपनी संहिता में जोड़ा? – जलाशय निर्माण की तकनीक
Q76. चरक ने ‘स्वस्थवृत्त’ के तहत किसका वर्णन किया है? – दैनिक और ऋतुचर्या (Daily & Seasonal routine)
Q77. किसने सिद्ध किया कि पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से चंद्र ग्रहण होता है, न कि ‘राहु-केतु’ के कारण? – आर्यभट्ट
Q78. वराहमिहिर ने नक्षत्रों की संख्या कितनी बताई थी? – 27 या 28 (अभिजीत सहित)
Q79. चरक के अनुसार ‘मन’ का स्थान कहाँ होता है? – हृदय में
Q80. आर्यभट्ट ने वृत्त के क्षेत्रफल का सूत्र क्या दिया था? – 1/2X परिधि X त्रिज्या
Q81. ‘आर्यभटीय’ के किस अध्याय में ज्यामिति (Geometry) के नियम हैं? – गणितपाद
Q82. वराहमिहिर ने इत्र (Perfume) बनाने की विधियों का भी उल्लेख किया है? – हाँ (गंधयुक्ति)
Q83. चरक संहिता के किस अध्याय में भ्रूण के विकास का वर्णन है? – शारीरस्थान
Q84. आर्यभट्ट ने ग्रहों की गति के लिए किस सिद्धांत का प्रयोग किया? – शीघ्रोच्च और मन्दोच्च (Epicyclic theory)
Q85. वराहमिहिर द्वारा रचित ‘समास संहिता’ क्या है? – बृहत संहिता का संक्षिप्त संस्करण
Q86. चरक ने ‘शमन’ और ‘शोधन’ (Detox) चिकित्सा के बारे में बताया है? – हाँ
Q87. आर्यभट्ट ने गणित में प्रथम 10 संख्याओं के स्थान मान (Place Value) को स्पष्ट किया? – हाँ
Q88. वराहमिहिर के खगोल विज्ञान पर किन दो विदेशी सिद्धांतों का प्रभाव था? – रोमक और पौलिष
Q89. चरक ने किस प्रणाली को ‘स्रोतों’ (Channels) का जाल माना है? – मानव शरीर
Q90. ‘आर्यभट्ट सिद्धांत’ नामक लुप्त ग्रंथ की जानकारी किसके लेखों से मिलती है? – वराहमिहिर और ब्रह्मगुप्त
|
Q91. ‘छाया पुरुष’ की गणना के माध्यम से समय जानने की विधि किसने दी? – आर्यभट्ट
Q92. वराहमिहिर ने अकाल (Famine) के लक्षणों का ज्योतिषीय विश्लेषण किया था? – हाँ
Q93. चरक संहिता में ‘रसायन’ (Rejuvenation) चिकित्सा का क्या उद्देश्य है? – दीर्घायु और युवावस्था बनाए रखना
Q94. आर्यभट्ट ने ‘महायुग’ की अवधि कितनी बताई थी? – 43,20,000 वर्ष
Q95. ‘कुटुहल’ वराहमिहिर की रचनाओं पर आधारित एक बाद की टीका है? – हाँ
Q96. चरक के अनुसार दवा की खुराक किस पर निर्भर करती है? – रोगी के बल, आयु और अग्नि (पाचन शक्ति) पर
Q97. आर्यभट्ट ने तारों को स्थिर और पृथ्वी को गतिशील बताया था? – हाँ
Q98. वराहमिहिर ने ‘योगयात्रा’ नामक ग्रंथ किस विषय पर लिखा था? – युद्ध के समय शुभ मुहूर्त पर
Q99. चरक ने मानसिक रोगों के लिए किस शब्द का प्रयोग किया? – उन्माद
Q100. आर्यभट्ट, वराहमिहिर और चरक ने प्राचीन भारत के किस युग को ‘स्वर्ण युग’ बनाने में योगदान दिया? – गुप्त काल (और उत्तर-गुप्त काल)