ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था का दोहन और दादाभाई नौरोजी का ‘धन के निष्कासन’ (Drain of Wealth) का सिद्धांत आधुनिक भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। आपकी प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, State PSC, SSC) के लिए यहाँ 100 महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्नोत्तर दिए गए हैं।
Q1. भारत में ‘धन के निष्कासन’ (Drain of Wealth) के सिद्धांत का सबसे पहले प्रतिपादन किसने किया था? – दादाभाई नौरोजी
Q2. दादाभाई नौरोजी को किस उपनाम से जाना जाता है? – द ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया
Q3. दादाभाई नौरोजी ने ‘धन के निष्कासन’ का सिद्धांत पहली बार किस लेख में प्रस्तुत किया था? – इंग्लैंड्स डेट टू इंडिया (England’s Debt to India – 1867)
Q4. दादाभाई नौरोजी की उस प्रसिद्ध पुस्तक का नाम क्या है जो 1901 में प्रकाशित हुई थी? – पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया (Poverty and Un-British Rule in India)
Q5. ‘ईस्ट इंडिया एसोसिएशन’ की स्थापना दादाभाई नौरोजी ने कहाँ की थी? – लंदन (1866)
Q6. दादाभाई नौरोजी के अनुसार धन के निष्कासन का मुख्य कारण क्या था? – बिना किसी प्रतिफल के भारत से संसाधनों का इंग्लैंड जाना
Q7. ब्रिटिश शासन के दौरान ‘होम चार्जेज’ (Home Charges) से क्या तात्पर्य था? – लंदन में स्थित भारतीय कार्यालय और पेंशन आदि पर खर्च होने वाला धन
Q8. “भारत का खून चूसा जा रहा है” – यह कथन धन के निष्कासन के संदर्भ में किसका था? – दादाभाई नौरोजी
Q9. दादाभाई नौरोजी ने ‘धन के निष्कासन’ को क्या नाम दिया था? – अनिष्टों का अनिष्ट (Evil of all Evils)
Q10. ‘इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ (Economic History of India) पुस्तक के लेखक कौन हैं? – आर.सी. दत्त (रमेश चंद्र दत्त)
Q11. वह कौन सा राष्ट्रवादी नेता था जिसने धन के निष्कासन सिद्धांत को लोकप्रिय बनाने के लिए लेख लिखे? – महादेव गोविंद रानाडे
Q12. ‘इकोनॉमिक जस्टिस’ (Economic Justice) की अवधारणा किसने दी थी? – आर.सी. दत्त
Q13. ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में ‘वि-औद्योगिकीकरण’ (De-industrialization) का मुख्य कारण क्या था? – मशीनों से बने सस्ते ब्रिटिश कपड़ों का आयात
Q14. 18वीं शताब्दी के अंत में भारतीय हस्तशिल्प के पतन को किसने ‘एक त्रासदी’ कहा था? – विलियम बेंटिक
Q15. भारत में ‘स्थायी बंदोबस्त’ (Permanent Settlement) कब और किसने लागू किया था? – 1793, लॉर्ड कॉर्नवालिस
Q16. स्थायी बंदोबस्त मुख्य रूप से किन क्षेत्रों में लागू किया गया था? – बंगाल, बिहार और उड़ीसा
Q17. ‘रैयतवाड़ी व्यवस्था’ के जनक कौन माने जाते हैं? – थॉमस मुनरो और अलेक्जेंडर रीड
Q18. रैयतवाड़ी व्यवस्था भारत के किस भाग में प्रमुखता से लागू थी? – मद्रास और मुंबई प्रेसीडेंसी
Q19. ‘महलवाड़ी व्यवस्था’ का प्रस्ताव सबसे पहले किसने दिया था? – होल्ट मैकेंजी (1822)
Q20. महलवाड़ी व्यवस्था किन क्षेत्रों में लागू की गई थी? – उत्तर-पश्चिमी प्रांत, पंजाब और मध्य भारत
Q21. किस व्यवस्था के तहत सरकार सीधे किसान (रैयत) से लगान वसूल करती थी? – रैयतवाड़ी व्यवस्था
Q22. स्थायी बंदोबस्त के तहत जमींदार को राजस्व का कितना भाग कंपनी को देना होता था? – 10/11 भाग
Q23. ‘सूर्यास्त कानून’ (Sunset Law) का संबंध किस भू-राजस्व व्यवस्था से था? – स्थायी बंदोबस्त
Q24. ब्रिटिश शासन में भारतीय कृषि के ‘वाणिज्यीकरण’ (Commercialization) का अर्थ क्या था? – बाजार के लिए नकदी फसलों (जैसे नील, कपास) का उत्पादन
Q25. ‘ददनी प्रथा’ (Dadni System) क्या थी? – कारीगरों को अग्रिम भुगतान देकर माल तैयार करवाना
Q26. भारत में पहली सूती वस्त्र मिल कहाँ स्थापित की गई थी? – बंबई (1854, कावसजी डाबर द्वारा)
Q27. भारत में पहली जूट मिल (1855) कहाँ खोली गई थी? – रिशरा (बंगाल)
Q28. ब्रिटिश काल के दौरान भारत में सर्वाधिक निवेश किस क्षेत्र में किया गया था? – रेलवे और बैंकिंग
Q29. भारत में रेलवे की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य क्या था? – ब्रिटिश व्यापारिक हितों की रक्षा और कच्चे माल का परिवहन
Q30. ‘गारंटी सिस्टम’ का संबंध किससे था? – रेलवे में निवेश करने वाले ब्रिटिश निवेशकों को 5% लाभ की गारंटी
Q31. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने धन के निष्कासन सिद्धांत को आधिकारिक रूप से कब स्वीकार किया? – कलकत्ता अधिवेशन (1896)
Q32. किस राष्ट्रवादी ने ‘स्वदेशी’ को आर्थिक विकास का साधन बताया था? – गोपाल कृष्ण गोखले
Q33. ‘एसेज ऑन इंडियन इकोनॉमिक्स’ पुस्तक के लेखक कौन हैं? – एम.जी. रानाडे
Q34. ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में बार-बार अकाल पड़ने का मुख्य कारण क्या था? – अत्यधिक भू-राजस्व और खाद्यान्न के स्थान पर नकदी फसलों पर जोर
Q35. प्रथम अकाल आयोग (1880) की स्थापना किसकी अध्यक्षता में हुई थी? – रिचर्ड स्ट्रेची
Q36. अकाल संहिता (Famine Code) का निर्माण किस आयोग की सिफारिश पर हुआ? – स्ट्रेची आयोग
Q37. ‘नील विद्रोह’ (1859-60) का मुख्य कारण क्या था? – किसानों से जबरन नील की खेती करवाना
Q38. नील दर्पण नाटक के माध्यम से किसने किसानों के शोषण को उजागर किया? – दीनबंधु मित्र
Q39. ‘दक्कन के दंगे’ (1875) मुख्य रूप से किसके विरुद्ध थे? – साहूकारों और महाजनों के शोषण के विरुद्ध
Q40. ‘तिनकठिया प्रथा’ का संबंध किस सत्याग्रह से है? – चंपारण सत्याग्रह (1917)
Q41. भारत में धन का निष्कासन मुख्य रूप से किस देश की ओर होता था? – ब्रिटेन
Q42. दादाभाई नौरोजी ब्रिटिश संसद (House of Commons) के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय कब बने? – 1892
Q43. ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव को ‘औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था’ किसने कहा? – मार्क्सवादी इतिहासकारों ने
Q44. ‘वन वे फ्री ट्रेड’ (One-way Free Trade) की नीति अंग्रेजों ने किसके विरुद्ध अपनाई थी? – भारतीय माल के विरुद्ध
Q45. कपास की खेती में वृद्धि के लिए कौन सा ऐतिहासिक युद्ध जिम्मेदार था? – अमेरिकी गृहयुद्ध (1861-65)
Q46. धन के निष्कासन को ‘पेपर करेंसी’ के माध्यम से किसने समझाया था? – महादेव गोविंद रानाडे
Q47. ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में ‘दरिद्रता’ का सबसे बड़ा कारण क्या था? – हस्तशिल्प उद्योगों का पतन
Q48. ‘लिड्स और मैनचेस्टर’ के विकास के लिए भारत का विनाश आवश्यक है – यह विचार किसका था? – ब्रिटिश नीति निर्माताओं का (अप्रत्यक्ष रूप से)
Q49. दादाभाई नौरोजी ने प्रति व्यक्ति आय की गणना पहली बार कितनी बताई थी? – 20 रुपये वार्षिक
Q50. आर.सी. दत्त ने भारतीय अर्थव्यवस्था के पतन के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया? – अत्यधिक भू-राजस्व की दरों को
Q51. भारत में ब्रिटिश पूंजी निवेश का सबसे बड़ा माध्यम क्या था? – सार्वजनिक ऋण (Public Debt)
Q52. ‘लूट का काल’ (Period of Open Loot) किसे कहा जाता है? – 1765 से 1772 (द्वैध शासन काल)
Q53. ब्रिटिश शासन के दौरान ‘कृषक वर्ग का ऋणग्रस्त होना’ किस कारण हुआ? – लगान चुकाने के लिए साहूकारों से कर्ज लेना
Q54. टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना कब हुई थी? – 1907 (जमशेदपुर)
Q55. अंग्रेजों द्वारा भारत में चाय बागानों की शुरुआत कब की गई? – 1833 के आसपास (असम में)
Q56. ‘प्लांटेशन लेबर एक्ट’ किस वर्ष पारित हुआ था? – 1863
Q57. ब्रिटिश काल में भारत से होने वाले निर्यात में किसका हिस्सा सर्वाधिक था? – कच्चा माल (Raw Material)
Q58. भारत में ‘गरीबी’ को मापने का पहला प्रयास वैज्ञानिक तरीके से किसने किया? – वी.के.आर.वी. राव (1931-32)
Q59. किस चार्टर एक्ट के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी का व्यापारिक एकाधिकार समाप्त कर दिया गया? – 1813 का चार्टर एक्ट
Q60. ‘साहूकारों’ का प्रभुत्व किस भू-राजस्व व्यवस्था में सबसे अधिक बढ़ा? – रैयतवाड़ी व्यवस्था
Q61. दादाभाई नौरोजी ने ‘भारतीय ऋण’ (Indian Debt) को क्या कहा था? – नैतिक और भौतिक निष्कासन
Q62. ‘सफेद हाथी’ किसे कहा गया था? – भारत में रेलवे के निर्माण को (आर्थिक रूप से भारी खर्च के कारण)
Q63. ‘धन के बहिर्गमन’ (Drain) के विरुद्ध आवाज उठाने वाले समाचार पत्र का नाम क्या था? – अमृत बाजार पत्रिका
Q64. दादाभाई नौरोजी के अनुसार, भारत की गरीबी का समाधान क्या था? – उत्तरदायी सरकार और धन के निष्कासन पर रोक
Q65. ‘इकोनॉमिक ट्रांजिशन इन इंडिया’ (Economic Transition in India) पुस्तक किसने लिखी? – थियोडोर मॉरिसन
Q66. भारत में ब्रिटिश शासन को ‘एक डकैती’ की संज्ञा किसने दी थी? – के.एम. पणिक्कर
Q67. भारतीय हस्तशिल्पियों के अंगूठे काटने की घटना किस उद्योग से जुड़ी थी? – ढाका के मलमल उद्योग से
Q68. अंग्रेजों ने भारत में ‘कपास सुधार’ के लिए कौन सा संस्थान खोला था? – कॉटन कमेटी
Q69. ‘लैंडहोल्डर्स सोसाइटी’ (1838) की स्थापना किसने की थी? – द्वारकानाथ टैगोर
Q70. ब्रिटिश शासन के दौरान भारत का व्यापार संतुलन (Trade Balance) कैसा रहता था? – अनुकूल (परंतु सारा लाभ इंग्लैंड जाता था)
Q71. दादाभाई नौरोजी ने धन के निष्कासन के सिद्धांत को ‘गिफ्फिन का विरोधाभास’ कहा था? – नहीं, उन्होंने इसे ‘अनिष्टों का अनिष्ट’ कहा था
Q72. ‘वेल्बी आयोग’ (Welby Commission) का गठन क्यों किया गया था? – भारतीय खर्चों की जांच के लिए (दादाभाई नौरोजी इसके सदस्य थे)
Q73. भारत में आधुनिक उद्योगों की स्थापना कब से शुरू हुई? – 1850 के बाद
Q74. ब्रिटिश नीतियों के कारण ‘किसानों का सर्वहाराकरण’ (Proletarianization) हुआ – यह किसका विचार है? – मार्क्सवादी इतिहासकारों का
Q75. ‘नील आयोग’ (Indigo Commission) का गठन कब हुआ? – 1860
Q76. ‘कृषि का व्यवसायीकरण’ भारत के लिए हानिकारक क्यों रहा? – क्योंकि इससे खाद्यान्न संकट पैदा हुआ
Q77. ‘होम चार्जेज’ में कौन सा खर्च शामिल नहीं था? – भारत में काम करने वाले ब्रिटिश अधिकारियों का व्यक्तिगत वेतन
Q78. दादाभाई नौरोजी ने किस पत्रिका का संपादन किया था? – रास्त गोफ्तार (Rast Goftar)
Q79. गोपाल कृष्ण गोखले ने ब्रिटिश आर्थिक नीतियों की आलोचना कहाँ की थी? – इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल में
Q80. ‘साल्ट टैक्स’ (नमक कर) की आलोचना गांधी जी से पहले किसने की थी? – दादाभाई नौरोजी और अन्य राष्ट्रवादियों ने
Q81. भारत में अकाल के लिए ‘क्लाइमेट’ को जिम्मेदार किसने माना? – ब्रिटिश अधिकारियों ने
Q82. किस ब्रिटिश अधिकारी ने कहा था कि “हमारी व्यवस्था एक स्पंज की तरह काम करती है जो गंगा के किनारों से अच्छी चीजें सोखकर टेम्स के किनारे निचोड़ देती है”? – जॉन सुलिवन
Q83. ‘ग्रेट डिप्रेशन’ (1929) का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा? – कृषि उत्पादों की कीमतें गिर गईं और किसानों की हालत बदतर हो गई
Q84. भारत में ‘सोने की चिड़िया’ की अवधारणा को किसने नष्ट किया? – ब्रिटिश आर्थिक नीतियों ने
Q85. 1857 के विद्रोह का एक प्रमुख आर्थिक कारण क्या था? – भारी कर और जमींदारों की भूमि छीना जाना
Q86. ‘हस्तशिल्प का पतन’ किस सदी में चरम पर था? – 19वीं सदी के पूर्वाार्ध में
Q87. अंग्रेजों ने ‘कोयला उद्योग’ की शुरुआत कहाँ की थी? – रानीगंज (1774)
Q88. ‘इंडियन फिस्कल कमीशन’ (1921) की स्थापना क्यों हुई? – संरक्षण की नीति पर विचार करने के लिए
Q89. दादाभाई नौरोजी ने आर्थिक शोषण को रोकने के लिए किस पर जोर दिया? – भारतीयकरण (Indianization) पर
Q90. ‘इंपीरियल प्रेफरेंस’ (Imperial Preference) क्या था? – ब्रिटिश माल को भारत में विशेष रियायत देना
Q91. रैयतवाड़ी व्यवस्था में राजस्व का पुनर्निर्धारण कितने वर्षों में होता था? – 20 से 30 वर्षों में
Q92. ‘एग्रीकल्चरल इनकम टैक्स’ की शुरुआत सबसे पहले किस प्रांत में हुई? – बिहार (1938)
Q93. ब्रिटिश काल में भारतीय ऋण (Public Debt) का मुख्य भाग क्या था? – युद्धों का खर्च और रेलवे ऋण
Q94. दादाभाई नौरोजी की मृत्यु कब हुई? – 1917
Q95. ‘पॉवर्टी ऑफ इंडिया’ (Poverty of India) लेख कब प्रकाशित हुआ था? – 1876
Q96. किसने कहा था कि “भारत की दरिद्रता का कारण उसकी जनसंख्या नहीं, बल्कि ब्रिटिश शासन है”? – दादाभाई नौरोजी
Q97. ‘वि-औद्योगिकीकरण’ शब्द का प्रयोग सबसे पहले किस संदर्भ में किया गया? – भारतीय सूती वस्त्र उद्योग के पतन के लिए
Q98. ‘होलसम’ राजस्व प्रणाली किसे कहा गया था? – स्थायी बंदोबस्त को (जमींदारों के नजरिए से)
Q99. दादाभाई नौरोजी के ‘Drain Theory’ ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को क्या प्रदान किया? – एक वैचारिक और आर्थिक आधार
Q100. आधुनिक भारत का प्रथम अर्थशास्त्री किसे माना जाता है? – दादाभाई नौरोजी