Q1. मौर्य प्रशासन का स्वरूप मुख्य रूप से कैसा था? – कठोर केंद्रीयकृत राजतंत्र (Highly Centralized Monarchy)
Q2. चाणक्य ने राज्य के कितने अंग बताए हैं? – सात (सप्तांग सिद्धांत)
Q3. सप्तांग सिद्धांत के अनुसार राज्य का शीर्ष (सिर) कौन है? – स्वामी (राजा)
Q4. मौर्य काल में राजा की सहायता के लिए गठित मंत्रिपरिषद को क्या कहा जाता था? – मंत्रिपरिषद्
Q5. कौटिल्य के अनुसार मंत्रिपरिषद के सदस्यों का चुनाव किस आधार पर होता था? – योग्यता और चरित्र परीक्षण (उपधा परीक्षण) के आधार पर
Q6. मौर्य प्रशासन में सबसे ऊँचे स्तर के अधिकारियों को क्या कहा जाता था? – तीर्थ (महामात्र)
Q7. अर्थशास्त्र में कुल कितने ‘तीर्थों’ का उल्लेख मिलता है? – 18
Q8. ‘समाहर्ता’ (Samaharta) का मुख्य कार्य क्या था? – राजस्व एकत्र करना और बजट तैयार करना
Q9. ‘सन्निधाता’ (Sannidhata) अधिकारी का पद किसके समान था? – राजकीय कोषाध्यक्ष (Chief Custodian of Treasury)
Q10. मंत्रिपरिषद के नीचे कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अध्यक्षों को क्या कहा जाता था? – अध्यक्ष (Adhyaksha)
Q11. अर्थशास्त्र में कुल कितने ‘अध्यक्षों’ का वर्णन है? – 26 (अथवा 27)
Q12. ‘सीताध्यक्ष’ किस विभाग का प्रमुख होता था? – राजकीय कृषि भूमि का प्रबंधन
Q13. ‘अक्षपटलाध्यक्ष’ का संबंध किस कार्य से था? – महालेखाकार (Accounts & Records)
Q14. ‘पण्यध्यक्ष’ किस विभाग की देखरेख करता था? – वाणिज्य और व्यापार
Q15. ‘संस्थाध्यक्ष’ का मुख्य कार्य क्या था? – बाजारों पर नियंत्रण और व्यापारिक मार्गों की देखरेख
Q16. ‘लवणाध्यक्ष’ किसका प्रमुख होता था? – नमक विभाग का
Q17. ‘पौतवाध्यक्ष’ का कार्य क्या था? – माप-तौल के मानकीकरण की जाँच करना
Q18. ‘लक्षणाध्यक्ष’ किसे कहा जाता था? – सिक्के जारी करने वाला (Mint Master)
Q19. ‘विवीताध्यक्ष’ का संबंध किससे था? – चरागाहों की देखरेख से
Q20. ‘सूत्राध्यक्ष’ किस कार्य के लिए जिम्मेदार था? – कताई और बुनाई (Textile Industry)
Q21. मौर्य काल में साम्राज्य कितने प्रांतों में विभाजित था? – पाँच (अशोक के समय)
Q22. प्रांतों के राज्यपालों को क्या कहा जाता था? – कुमार या आर्यपुत्र
Q23. मौर्य प्रशासन की सबसे छोटी इकाई क्या थी? – ग्राम
Q24. ग्राम के प्रमुख को क्या कहा जाता था? – ग्रामणी
Q25. 10 गाँवों के समूह का प्रशासन देखने वाले अधिकारी को क्या कहते थे? – गोप
Q26. जिले (आहार/विषय) के प्रशासनिक प्रमुख को क्या कहा जाता था? – स्थानिक या विषयपति
Q27. ‘राजुक’ (Rajuka) अधिकारी का कार्य क्या था? – राजस्व और न्यायिक कार्य (अशोक के समय महत्वपूर्ण)
Q28. केंद्र और प्रांतों के बीच संचार बनाए रखने वाले अधिकारियों को क्या कहते थे? – महामात्र
Q29. मौर्य प्रशासन में नगर का प्रमुख अधिकारी क्या कहलाता था? – नागरक (Nagarka)
Q30. मेगास्थनीज के अनुसार नगर का प्रशासन कितनी समितियों द्वारा चलाया जाता था? – 6 समितियाँ (प्रत्येक में 5 सदस्य)
Q31. मौर्य काल में गुप्तचर विभाग को क्या कहा जाता था? – महामात्यपसर्प (Mahamatyapasarpa)
Q32. गुप्तचरों को कौटिल्य ने अर्थशास्त्र में क्या नाम दिया है? – गूढ़ पुरुष
Q33. गुप्तचर विभाग का मुख्य अधिकारी क्या कहलाता था? – सर्पमहामात्य
Q34. एक ही स्थान पर टिककर कार्य करने वाले गुप्तचरों को क्या कहा जाता था? – संस्था (Sanstha)
Q35. भ्रमणशील (घूम-घूमकर) गुप्तचर क्या कहलाते थे? – संचारा (Sanchara)
Q36. ‘संस्था’ गुप्तचरों के पाँच प्रकार कौन से थे? – कापटिक, उदास्थित, गृहपतिक, वैदेहक और तापस
Q37. ‘कापटिक’ किस प्रकार का गुप्तचर था? – विद्यार्थी के वेश में रहने वाला
Q38. ‘गृहपतिक’ गुप्तचर किस वेश में रहते थे? – किसान के वेश में
Q39. ‘वैदेहक’ गुप्तचरों का स्वरूप क्या था? – व्यापारी के वेश में रहने वाले
Q40. ‘उदास्थित’ गुप्तचर किन्हें कहा जाता था? – संन्यासियों के वेश में रहने वाले
Q41. ‘सत्री’ (Satri) किस प्रकार के गुप्तचर थे? – विभिन्न कलाओं में निपुण और प्रपंच रचने वाले
Q42. ‘तीक्ष्ण’ (Tikshna) गुप्तचरों का मुख्य कार्य क्या था? – शत्रुओं की हत्या करना (साहसी और शूरवीर)
Q43. ‘रसद’ (Rasada) गुप्तचरों की क्या विशेषता थी? – शत्रु को विष देने में निपुण (क्रूर गुप्तचर)
Q44. क्या मौर्य प्रशासन में महिलाएं भी गुप्तचर हो सकती थीं? – हाँ
Q45. महिला गुप्तचरों को क्या कहा जाता था? – परिव्राजिका, श्रमणा या भिक्षुकी
Q46. दूसरे देशों में भेजे जाने वाले गुप्तचरों को क्या कहा जाता था? – उभयवेतन (दोहरा वेतन पाने वाले)
Q47. मौर्य राजा की सुरक्षा के लिए अंगरक्षक के रूप में किनका उल्लेख मिलता है? – सशस्त्र महिलाएं
Q48. मौर्य काल में पुलिस बल के अधिकारियों को क्या कहा जाता था? – रक्षिण
Q49. कौटिल्य ने गुप्तचर व्यवस्था को क्या माना है? – राज्य की आँखें
Q50. गुप्तचरों का मुख्य उद्देश्य क्या था? – विद्रोह रोकना, अधिकारियों की वफादारी जाँचना और जनमत जानना
Q51. मौर्य न्याय व्यवस्था में ‘धर्मस्थीय’ किस प्रकार का न्यायालय था? – दीवानी न्यायालय (Civil Court)
Q52. ‘कंटकशोधन’ न्यायालय किस प्रकार के मामलों को सुलझाता था? – फौजदारी मामले (Criminal Court)
Q53. धर्मस्थीय न्यायालय के न्यायाधीशों को क्या कहा जाता था? – धर्मस्थ या व्यावहारिक
Q54. कंटकशोधन न्यायालय के न्यायाधीश क्या कहलाते थे? – प्रदेष्टा (Pradeshtri)
Q55. मौर्य काल में सर्वोच्च न्यायाधीश कौन होता था? – स्वयं सम्राट
Q56. दंड विधान (Punishment) का स्वरूप कैसा था? – अत्यंत कठोर (जैसे अंग-विच्छेद, मृत्यु दंड)
Q57. ‘चाणक्य’ के अनुसार कानून के कितने मुख्य आधार थे? – चार (धर्म, व्यवहार, चरित्र और राजशासन)
Q58. ‘युक्त’ (Yukta) नामक अधिकारी का क्या कार्य था? – राजस्व का लेखा-जोखा रखना
Q59. राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत क्या था? – भू-राजस्व (Land Revenue)
Q60. ‘भाग’ (Bhaga) नामक कर की सामान्य दर क्या थी? – उपज का 1/6 भाग
Q61. आपातकालीन कर को मौर्य काल में क्या कहा जाता था? – प्रणय कर (Pranaya Tax)
Q62. सिंचाई कर को क्या कहा जाता था? – उदकभाग
Q63. ‘विष्टि’ (Vishti) से क्या अभिप्राय था? – निशुल्क श्रम या बेगार
Q64. मौर्य सेना का मुख्य नियंत्रक अधिकारी क्या कहलाता था? – सेनापति
Q65. मेगास्थनीज के अनुसार सैन्य प्रशासन कितनी समितियों द्वारा चलाया जाता था? – 6 समितियाँ
Q66. मौर्य सेना के मुख्य चार अंग कौन से थे? – पैदल, अश्व, हाथी और रथ (चतुरंगिणी सेना)
Q67. ‘अन्तपाल’ (Antapala) अधिकारी का क्या कार्य था? – सीमावर्ती दुर्गों की रक्षा करना
Q68. कौटिल्य ने युद्ध के कितने प्रकार बताए हैं? – तीन (धर्म युद्ध, कूट युद्ध और तूष्णीं युद्ध)
Q69. ‘कूट युद्ध’ से क्या तात्पर्य है? – छल-कपट और कूटनीति से लड़ा गया युद्ध
Q70. ‘तूष्णीं युद्ध’ (Tushnim Yudha) क्या था? – गुप्तचरों और विष द्वारा शत्रु का नाश करना
Q71. मौर्य काल में युद्ध क्षेत्र में सेना का नेतृत्व करने वाला अधिकारी क्या कहलाता था? – नायक
Q72. राज्य के आय-व्यय का पूर्ण विवरण रखने वाला मुख्य अधिकारी कौन था? – समाहर्ता
Q73. राजकीय मुद्रा ‘पण’ का भार कितना था? – 3/4 तोला (चांदी का सिक्का)
Q74. करों की चोरी करने वालों के लिए क्या दंड निर्धारित था? – मृत्यु दंड
Q75. मेगास्थनीज ने मौर्य साम्राज्य में कितने प्रकार के करों का उल्लेख किया? – मुख्यतः भू-राजस्व और व्यावसायिक कर
Q76. ‘एग्रोनोमोई’ (Agronomoi) किस क्षेत्र का अधिकारी था? – जिले का प्रशासनिक अधिकारी (सड़क निर्माण आदि)
Q77. ‘ए्स्टिनोमोई’ (Astynomoi) का संबंध किससे था? – नगर प्रशासन से
Q78. मौर्य काल में जनगणना (Census) की व्यवस्था थी? – हाँ (जन्म-मृत्यु पंजीकरण अनिवार्य था)
Q79. जनगणना का कार्य किस समिति द्वारा किया जाता था? – तृतीय समिति द्वारा
Q80. ‘बलि’ (Bali) मौर्य काल में किस प्रकार का कर था? – एक स्वैच्छिक या धार्मिक कर
Q81. मौर्य प्रशासन में ‘अमात्य’ किन्हें कहा जाता था? – उच्च श्रेणी के प्रशासनिक अधिकारियों को
Q82. कौटिल्य ने राजा को ‘आततायी’ के प्रति क्या सलाह दी थी? – उसे तुरंत मार देना चाहिए
Q83. क्या मौर्य प्रशासन में पद आनुवंशिक थे? – नहीं, चयन योग्यता के आधार पर होता था
Q84. ‘गणिकाध्यक्ष’ किस विभाग का प्रमुख था? – वेश्याओं के कार्यों का निरीक्षण
Q85. ‘सूनाध्यक्ष’ का संबंध किस विभाग से था? – बूचड़खाना (Slaughterhouse)
Q86. ‘मुद्राध्यक्ष’ का कार्य क्या था? – पासपोर्ट और पहचान पत्र जारी करना
Q87. मौर्य काल में व्यापारिक जहाजों का अध्यक्ष क्या कहलाता था? – नवाध्यक्ष
Q88. अशोक ने न्याय व्यवस्था में सुधार के लिए किस अधिकारी को अधिकार दिए थे? – राजुक को
Q89. ‘प्रतिवेदक’ (Prativedaka) का क्या कार्य था? – जनता की समस्याओं की सूचना सीधे राजा को देना
Q90. मौर्य काल में राज्य का मुख्य कोषागार कहाँ स्थित था? – पाटलिपुत्र
Q91. ‘कोष्ठागाराध्यक्ष’ का कार्य क्या था? – अन्न भंडार का प्रबंधन (अकाल के लिए संचय)
Q92. मौर्य प्रशासन में ‘तीर्थ’ शब्द का अर्थ क्या है? – महत्वपूर्ण प्रशासनिक विभाग/अधिकारी
Q93. ‘सनिधाता’ के नियंत्रण में कौन-सा विभाग नहीं था? – विदेश विभाग (यह सीधे राजा के अधीन था)
Q94. मौर्य काल में मनोरंजन का मुख्य साधन क्या था? – विहार यात्रा, मृगया (शिकार) और समाज
Q95. ‘आटविक’ (Atvika) अधिकारी का संबंध किससे था? – वन विभाग के प्रशासन से
Q96. मौर्य कालीन गुप्तचरों को ‘स्पश’ भी कहा जाता था? – नहीं (स्पश ऋग्वैदिक काल में थे)
Q97. कौटिल्य के अनुसार राजा का दिन कितने भागों में विभाजित था? – 8 भागों में
Q98. मौर्य प्रशासन में शांति और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी थी? – नगर के रक्षिण और ग्रामीण गोपों की
Q99. ‘हिरण्य’ (Hiranya) कर किस रूप में लिया जाता था? – नकद (Cash) के रूप में
Q100. मौर्य शासन का सर्वोच्च आदर्श क्या था? – पितृवत शासन (प्रजा मेरी संतान है)